GlyphSignal
चरक

चरक

2 मिनट पढ़ें
Reviewed by GlyphSignal·Updated 2026-07-21·Methodology·Disclosure·Source·Contact

GlyphSignal keeps some article pages out of search while editorial context is expanded.

यह क्यों ट्रेंड कर रहा है

Interest in “चरक” spiked on Wikipedia on 2026-07-21.

Sudden spikes in Wikipedia readership generally point to a newsworthy event or emerging public conversation that piques widespread curiosity.

By monitoring millions of daily Wikipedia page views, GlyphSignal helps you spot cultural moments as they happen and understand the stories behind the numbers.

Source note: This page combines GlyphSignal analysis with attributed reference material from Wikipedia. GlyphSignal adds trend context, traffic history, categorization, and editorial interpretation. See how we build these pages.

Source summary

Wikipedia

चरक एक महर्षि एवं आयुर्वेद विशारद के रूप में विख्यात हैं। वे कुषाण राज्य के राजवैद्य थे। इनके द्वारा रचित चरक संहिता एक प्रसिद्ध आयुर्वेद ग्रन्थ है। इसमें रोगनाशक एवं रोगनिरोधक दवाओं का उल्लेख है तथा सोना, चाँदी, लोहा, पारा आदि धातुओं के भस्म एवं उनके उपयोग का वर्णन मिलता है। आचार्य चरक ने आचार्य अग्निवेश के अग्निवेशतन्त्र में कुछ स्थान तथा अध्याय जोड्कर उसे नया रूप दिया जिसे आज चरक संहिता के नाम से जाना जाता है । 300-200 ई. पूर्व लगभगआयुर्वेद के आचार्य महर्षि चरक की गणना भारतीय औषधि विज्ञान के मूल प्रवर्तकों में होती है।चरक की शिक्षा तक्षशिला में हुई ।इनका रचा हुआ ग्रंथ 'चरक संहिता' आज भी वैद्यक का अद्वितीय ग्रंथ माना जाता है। इन्हें ईसा की प्रथम शताब्दी का बताते हैं। कुछ विद्वानों का मत है कि चरक कनिष्क के राजवैद्य थे परंतु कुछ लोग इन्हें बौद्ध काल से भी पहले का मानते हैं।आठवीं शताब्दी में इस ग्रंथ का अरबी भाषा में अनुवाद हुआ और यह शास्त्र पश्चिमी देशों तक पहुंचा।चरक संहिता में व्याधियों के उपचार तो बताए ही गए हैं, प्रसंगवश स्थान-स्थान पर दर्शन और अर्थशास्त्र के विषयों की भी उल्लेख है।उन्होंने आयुर्वेद के प्रमुख ग्रन्थों और उसके ज्ञान को इकट्ठा करके उसका संकलन किया । चरक ने भ्रमण करके चिकित्सकों के साथ बैठकें की, विचार एकत्र किए और सिद्धांतों को प्रतिपादित किया और उसे पढ़ाई लिखाई के योग्य बनाया ।यह सब ठीक है।

चरकसंहिता आयुर्वेद में प्रसिद्ध है। इसके उपदेशक अत्रिपुत्र पुनर्वसु, ग्रंथकर्ता अग्निवेश और प्रतिसंस्कारक चरक हैं।

प्राचीन वाङ्मय के परिशीलन से ज्ञात होता है कि उन दिनों ग्रंथ या तंत्र की रचना शाखा के नाम से होती थी। जैसे कठ शाखा में कठोपनिषद् बनी। शाखाएँ या चरण उन दिनों के विद्यापीठ थे, जहाँ अनेक विषयों का अध्ययन होता था। अत: संभव है, चरकसंहिता का प्रतिसंस्कार चरक शाखा में हुआ हो।

Read full article on Wikipedia →

Content sourced from Wikipedia under CC BY-SA 4.0

शेयर

Keep Reading

2026-07-21
1
धर्मेन्द्र प्रधान एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान में भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा...
41,203 दृश्य
धर्मेंद्र प्रधान
2
सोनम वांगचुक भारत के एक अभियन्ता, नवाचारी और शिक्षा सुधारक हैं। वह छात्रों के एक समूह द्वारा 1988 मे...
15,951 दृश्य
सोनम वांगचुक
3
रामायण एक आगामी भारतीय महाकाव्य फिल्म है, जिसके निर्माता नमित मलहोत्रा हैं और जिसका निर्देशन नितेश त...
10,238 दृश्य
रामायणम् (2026 फिल्म)
5
दिल्ली का जन्तर मन्तर एक खगोलीय वेधशाला है। अन्य चार जन्तर मन्तर सहित इसका निर्माण महाराजा जयसिंह द्...
5,493 दृश्य
जंतर मंतर, दिल्ली
6
कॉकक्रोच जनता पार्टी एक भारतीय व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है, जिसकी स्थापना 16 मई 2026 को अभिजीत द...
4,679 दृश्य
कॉकरोच जनता पार्टी
7
अनुच्छेद 32 भारत के संविधान का एक अनुच्छेद है। यह संविधान के भाग 3 में शामिल है और जिसमें प्रदत्त अध...
3,343 दृश्य
8
यह लेख भारत के एक सांस्कृतिक संगठन आर एस एस के बारे में है। अन्य प्रयोग हेतु आर एस एस देखें।
2,430 दृश्य
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
Continue reading: