GlyphSignal
जगन्नाथ मन्दिर, पुरी

जगन्नाथ मन्दिर, पुरी

पुरी ज़िले, ओडिशा राज्य, भारत में स्थित मंदिर

#7 ट्रेंडिंग · 1,431 दृश्य · 2 मिनट पढ़ें
Reviewed by GlyphSignal·Updated 2026-07-18·Methodology·Disclosure·Source·Contact

GlyphSignal keeps some article pages out of search while editorial context is expanded.

यह क्यों ट्रेंड कर रहा है

“जगन्नाथ मन्दिर, पुरी” surged to position #7 among the most-read Wikipedia pages on 2026-07-18, with roughly 1,431 views recorded.

When a Wikipedia article trends this sharply, it usually reflects a noteworthy real-world event—whether breaking news, a cultural milestone, or a viral discussion driving collective curiosity.

At GlyphSignal we surface these trending signals every day—transforming Wikipedia’s vast pageview data into actionable insights about global curiosity.

Why is this trending? Full analysis →

Source note: This page combines GlyphSignal analysis with attributed reference material from Wikipedia. GlyphSignal adds trend context, traffic history, categorization, and editorial interpretation. See how we build these pages.

Source summary

Wikipedia

पुरी का श्री जगन्नाथ मन्दिर एक हिन्दू मन्दिर है, जो भगवान जगन्नाथ (श्रीकृष्ण) को समर्पित है। यह भारत के ओडिशा राज्य के तटवर्ती शहर पुरी में स्थित है। जगन्नाथ शब्द का अर्थ जगत के स्वामी होता है। इनकी नगरी ही जगन्नाथपुरी या पुरी कहलाती है। इस मन्दिर को हिन्दुओं के चार धाम में से एक गिना जाता है। यह वैष्णव सम्प्रदाय का मन्दिर है, जो भगवान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण को समर्पित है। इस मन्दिर का वार्षिक रथ यात्रा उत्सव प्रसिद्ध है। इसमें मन्दिर के तीनों मुख्य देवता, भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भ्राता बलभद्र और भगिनी सुभद्रा तीनों, तीन अलग-अलग भव्य और सुसज्जित रथों में विराजमान होकर नगर की यात्रा को निकलते हैं। श्री जगन्नथपुरी पहले नील माघव के नाम से पुजे जाते थे। जो भील सरदार विश्वासु के आराध्य देव थे। अब से लगभग हजारों वर्ष पुर्व भील सरदार विष्वासु नील पर्वत की गुफा के अन्दर नील माघव जी की पुजा किया करते थे । मध्य-काल से ही यह उत्सव अतीव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इसके साथ ही यह उत्सव भारत के ढेरों वैष्णव कृष्ण मन्दिरों में मनाया जाता है, एवं यात्रा निकाली जाती है। यह मंदिर वैष्णव परम्पराओं और सन्त रामानन्द से जुड़ा हुआ है। यह गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय के लिये खास महत्व रखता है। इस पन्थ के संस्थापक श्री चैतन्य महाप्रभु भगवान की ओर आकर्षित हुए थे और कई वर्षों तक पुरी में रहे भी थे।

गंग वंश के हाल ही में अन्वेषित ताम्र पत्रों से यह ज्ञात हुआ है, कि वर्तमान मन्दिर के निर्माण कार्य को कलिंग राजा अनन्तवर्मन चोडगंग देव ने आरम्भ कराया था।। मन्दिर के जगमोहन और विमान भाग इनके शासन काल (१०७८ - ११४८) में बने थे। फिर सन ११९७ में जाकर ओडिआ शासक अनंग भीम देव ने इस मन्दिर को वर्तमान रूप दिया था।.

Read full article on Wikipedia →

Content sourced from Wikipedia under CC BY-SA 4.0

शेयर

Keep Reading

2026-07-18
1
सोनम वांगचुक भारत के एक अभियन्ता, नवाचारी और शिक्षा सुधारक हैं। वह छात्रों के एक समूह द्वारा 1988 मे...
21,713 दृश्य
सोनम वांगचुक
2
धर्मेन्द्र प्रधान एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान में भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा...
11,080 दृश्य
धर्मेंद्र प्रधान
3
रामायण एक आगामी भारतीय महाकाव्य फिल्म है, जिसके निर्माता नमित मलहोत्रा हैं और जिसका निर्देशन नितेश त...
9,723 दृश्य
रामायणम् (2026 फिल्म)
4
पति पत्नी और वो दो २०२६ की एक भारतीय हिन्दी भाषी प्रेमप्रधान हास्य चलचित्र है, जिसका लेखन और निर्देश...
2,303 दृश्य
5
कॉकक्रोच जनता पार्टी एक भारतीय व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है, जिसकी स्थापना 16 मई 2026 को अभिजीत द...
1,527 दृश्य
कॉकरोच जनता पार्टी
6
भारत का संविधान, भारत का सर्वोच्च विधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ तथा 26 ...
1,437 दृश्य
भारत का संविधान
8
मिया खलीफा लेबनानी-अमेरिकी मीडिया हस्ती और पूर्व पोर्नोग्राफ़िक फ़िल्म अभिनेत्री हैं। 2014 में, उन्ह...
1,366 दृश्य
मिया खलीफ़ा
9
हनुमान चालीसा एक काव्यात्मक कृति है, जो हिंदू देवता हनुमान को समर्पित है। इसके रचयिता गोस्वामी तुलसी...
1,358 दृश्य
हनुमान चालीसा
Continue reading: