GlyphSignal

पसमांदा मुसलिम महाज

मुसलमानों मे ऊँच नीच का भेद नहीं है ओर जो भेद करते हैं वो मुसलमान नहीं हो सकता है ।

2 मिनट पढ़ें
Reviewed by GlyphSignal·Updated 2026-07-20·Methodology·Disclosure·Source·Contact

GlyphSignal keeps some article pages out of search while editorial context is expanded.

यह क्यों ट्रेंड कर रहा है

Interest in “पसमांदा मुसलिम महाज” spiked on Wikipedia on 2026-07-20.

Sudden spikes in Wikipedia readership generally point to a newsworthy event or emerging public conversation that piques widespread curiosity.

At GlyphSignal we surface these trending signals every day—transforming Wikipedia’s vast pageview data into actionable insights about global curiosity.

Source note: This page combines GlyphSignal analysis with attributed reference material from Wikipedia. GlyphSignal adds trend context, traffic history, categorization, and editorial interpretation. See how we build these pages.

Source summary

Wikipedia

पसमांदा मुसलिम महाज (पीएमएम)(हिन्दी में, पिछड़ा मुस्लिम फ्राँट) भारत के पिछड़े एवं दलित मुसलमानो के उद्धार के उद्देश्य से गठित संस्था है। इसकी स्थापना पटना में अली अनवर ने १९९८ में की थी। अनवर स्वयं 'अंसारी' जाति के पिछड़े मुसलमान' हैं। उन्होंने निम्न वर्ग के मुसलमानों पर उच्च वर्ग "अशराफ" मुसलमानों द्वारा जातिगत उत्पीड़न को देखकर संगठन की बिहार में पसमांदा आंदोलन के कारण जदयू राजद ने कथित उच्च वर्गीय शेख सैय्यद मुगल के बजाय अंसारी मंसूरी आदि को प्रतिनिधित्व देना शुरू किया अली अनवर अंसारी को जदयू ने राज्यसभा सांसद बनाया उत्तर प्रदेश में अली अनवर के हमराही बने अनीस मंसूरी ने जल्द ही अपना गुट बना लिया और समाजवादी पार्टी सरकार ने उन्हें भी राज्यमंत्री का दर्जा दिया इसके बाद उत्तर प्रदेश में पसमांदा संगठन बनाने और सत्ता में हिस्सेदारी पाने की बाढ़ आ गई भाजपा सरकार में दानिस आजाद अंसारी को राज्यमंत्री बनने पर पसमांदा मुस्लिम महाज ने अपने आंदोलन की जीत बताया था कि पार्टियां और सरकारें अब पसमांदा की अनदेखी नहीं कर सकती हैं

पसमांदा मुस्लिम महाज़ व्यक्तिगत कानून, आरक्षण और चुनावी राजनीति के मुद्दों के साथ-साथ दलित मुसलमानों पर शारीरिक हमला करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग के संबंध में दलित मुसलमानों की वकालत करता है। उन्होंने दलित मुसलमानों के अधिकारों की भी वकालत की है कि वे अपने मृतकों को अलग-अलग कब्रिस्तानों में दफनाने के बजाय पारंपरिक कब्रिस्तानों में रखें, जहां जाति-आधारित भेदभाव का प्रचलन है।

पीएमएम रंगनाथ मिश्रा आयोग द्वारा सुझाए गए मुसलमानों के लिए ओबीसी कोटा के कदम का विरोध करता है, क्योंकि उनके अनुसार यह कोटा उच्च जाति के मुसलमानों के लिए है।

Read full article on Wikipedia →

Content sourced from Wikipedia under CC BY-SA 4.0

शेयर

Keep Reading

2026-07-20
1
धर्मेन्द्र प्रधान एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा वर्तमान में भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस तथा...
26,540 दृश्य
धर्मेंद्र प्रधान
2
सोनम वांगचुक भारत के एक अभियन्ता, नवाचारी और शिक्षा सुधारक हैं। वह छात्रों के एक समूह द्वारा 1988 मे...
16,182 दृश्य
सोनम वांगचुक
3
रामायण एक आगामी भारतीय महाकाव्य फिल्म है, जिसके निर्माता नमित मलहोत्रा हैं और जिसका निर्देशन नितेश त...
14,477 दृश्य
रामायणम् (2026 फिल्म)
5
अल्अमीन जमाल नस्रावी ईबाना ये कैटलोनिया के एक स्पेनिश पेशेवर फुटबॉलर हैं, जो ला लीगा क्लब बार्सिल...
4,086 दृश्य
लामिन यमल
6
कॉकक्रोच जनता पार्टी एक भारतीय व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है, जिसकी स्थापना 16 मई 2026 को अभिजीत द...
3,468 दृश्य
कॉकरोच जनता पार्टी
7
दिल्ली का जन्तर मन्तर एक खगोलीय वेधशाला है। अन्य चार जन्तर मन्तर सहित इसका निर्माण महाराजा जयसिंह द्...
3,236 दृश्य
जंतर मंतर, दिल्ली
8
ॐ नमः शिवाय हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण मन्त्र है। नमः शिवाय का अर्थ "भगवान शिव को नमस्कार" या "उस ...
1,716 दृश्य
Continue reading: