राजकुमार फ़िलिप, एडिनबर्ग के ड्यूक
ब्रिटिश शाही परिवार के सदस्य, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के पति (1921–2021)
GlyphSignal keeps some article pages out of search while editorial context is expanded.
यह क्यों ट्रेंड कर रहा है
Interest in “राजकुमार फ़िलिप, एडिनबर्ग के ड्यूक” spiked on Wikipedia on 2026-07-21.
When a Wikipedia article trends this sharply, it usually reflects a noteworthy real-world event—whether breaking news, a cultural milestone, or a viral discussion driving collective curiosity.
GlyphSignal tracks these patterns daily, turning raw Wikipedia traffic data into a curated feed of what the world is curious about. Every spike tells a story.
Source note: This page combines GlyphSignal analysis with attributed reference material from Wikipedia. GlyphSignal adds trend context, traffic history, categorization, and editorial interpretation. See how we build these pages.
Source summary
Wikipediaराजकुमार फ़िलिप, एडिनबरा के ड्यूक, (अंग्रेज़ी: Prince Philip, Duke of Edinburgh; जन्म से ग्रीस और डेनमार्क के राजकुमार फ़िलिप; १० जून १९२१़ – ९ अप्रैल २०२१) यूनाइटेड किंगडम की महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के पति थे। वह किसी ब्रिटिश शासक के शासनकाल में सर्वाधिक समय तक पटराजा रहे। साथ ही वो ब्रिटिश राज परिवार के सबसे वृद्ध पुरुष सदस्य भी रहे।
ग्लुक्सबर्ग राजघराने के सदस्य फिलिप का जन्म यूनानी और डैनिश राज परिवार में हुआ था। उनका जन्म यूनान में हुआ था, लेकिन बाल्यावस्था के दौरान ही उनके परिवार को देश से निष्कासित कर दिया गया। फ़्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम से शिक्षा प्राप्त करने के बाद वो १८ वर्ष की उम्र में सन् १९३९ में ब्रिटिश शाही नौसेना में शमिल हो गये। १९३४ में पहली बार मिलने के बाद जुलाई १९३४ से ही उन्होंने अपनी १३ वर्षीय दूर की रिश्तेदार राजकुमारी एलिज़ाबेथ (कालांतर में महारानी एलिज़ाबेथ) से पत्राचार शुरु कर दिया था। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने नौसेना की भूमघ्य और प्रशांत टुकड़ियों में अपनी सेवाएँ दीं थीं।
युद्धोपरांत, जॉर्ज षष्टम ने फ़िलिप को अपनी बेटी एलिज़ाबेथ से विवाह की अनुमती दे दी। उनकी सगाई के आधिकारिक घोषणा से पूर्व ही उन्हें अपने यूनानी और डैनिश शाही पदवियाँ त्यागनी पड़ी और पूर्ण रूप से सामान्य ब्रिटिश प्रजा बनना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अपने ननिहाल का माउंटबेटेन उपनाम रख लिया। सगाई के पाँच महीनों के बाद उन्होंने २० नवंबर १९४७ को एलिज़ाबेथ से शादी कर ली। शादी से पहले महाराजा जॉर्ज षष्टम ने उन्हें ब्रिटिश शाही पदवियों और अलंकरणों से सम्मानित किया। उन्हें पुकारने की शैली "हिज़ रोयल हाइनेस" और एडिनबरा के ड्यूक की उपाधि दी गई। 1952 में एलिज़ाबेथ के महारानी बनने पर फ़िलिप ने कमांडर के पद पर पहुंच जाने के बाद सक्रिय सैन्य सेवा छोड़ दी। उनकी पत्नी ने उन्हें सन् १९५७ में ब्रिटिश राजकुमार बना दिया।
Content sourced from Wikipedia under CC BY-SA 4.0