रामचन्द्र शुक्ल
हिंदी लेखक (1884-1941)
GlyphSignal keeps some article pages out of search while editorial context is expanded.
यह क्यों ट्रेंड कर रहा है
Interest in “रामचन्द्र शुक्ल” spiked on Wikipedia on 2026-07-20.
Sudden spikes in Wikipedia readership generally point to a newsworthy event or emerging public conversation that piques widespread curiosity.
At GlyphSignal we surface these trending signals every day—transforming Wikipedia’s vast pageview data into actionable insights about global curiosity.
Source note: This page combines GlyphSignal analysis with attributed reference material from Wikipedia. GlyphSignal adds trend context, traffic history, categorization, and editorial interpretation. See how we build these pages.
Source summary
Wikipediaआचार्य रामचन्द्र शुक्ल (4 अक्टूबर 1884 - 2 फरवरी 1941) हिन्दी आलोचक, कहानीकार, निबन्धकार, साहित्येतिहासकार, कोशकार, अनुवादक, कथाकार और कवि थे। हिन्दी साहित्य का इतिहास उनके द्वारा लिखी गई सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है जिसके द्वारा आज भी काल निर्धारण एवं पाठ्यक्रम निर्माण में सहायता ली जाती है। हिन्दी में पाठ आधारित वैज्ञानिक आलोचना का सूत्रपात भी उन्हीं के द्वारा हुआ। हिन्दी निबन्ध के क्षेत्र में भी शुक्ल का महत्त्वपूर्ण योगदान है। भाव, मनोविकार सम्बन्धित मनोविश्लेषणात्मक निबन्ध उनके प्रमुख हस्ताक्षर हैं। शुक्ल ने साहित्य के इतिहास लेखन में रचनाकार के जीवन और पाठ को समान महत्त्व दिया। उन्होंने प्रासंगिकता के दृष्टिकोण से साहित्यिक प्रत्ययों एवं रस आदि की पुनर्व्याख्या की।
रामचन्द्र शुक्ल का जन्म 1884 ईस्वी में उत्तर प्रदेश बस्ती जिले के अगोना नामक गाँव में हुआ था। इनकी माता जी का नाम विभाषी था और पिता चंद्रबली शुक्ल की नियुक्ति सदर कानूनगो के पद पर मिर्ज़ापुर में हुई तो समस्त परिवार वहीं आकर रहने लगा। जिस समय शुक्ल की अवस्था नौ वर्ष की थी, उनकी माता का देहान्त हो गया। मातृसुख के अभाव के साथ-साथ विमाता से मिलने वाले दुःख ने उनके व्यक्तित्व को अल्पायु में ही परिपक्व बना दिया।[उद्धरण चाहिए]
Content sourced from Wikipedia under CC BY-SA 4.0